बार बार पेट फूलने का क्या मतलब है?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 15:12

Pet Phoolne Ka Karan: पेट फूलने का कारण क्या है, पेट में ब्लोटिंग हो तो अपनाएं ये 4 नुस्खे

Ways to relieve Bloating Naturally: अगर आप भी अक्सर ब्लोटिंग का अनुभव करते हैं तो इस लेख में हम आपको डॉ. ऐश्वर्या से प्राप्त जानकारी के माध्यम से ब्लोटिंग के कारणों के साथ ही इससे नेचुरली राहत पाने के लिए कुछ सरल घरेलु उपचारों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।


अक्सर हम में से अधिकांश लोग खाने के बाद पेट फूलने या ब्लोटिंग की समस्या का अनुभव करते हैं। खाने के बाद पेट फूलना बेहद आम समस्या है, साथ ही यह कुछ ऐसा नहीं है जिससे आपको छुटकारा पाने की जरूरत है। लेकिन अगर फिर भी यह आपके लिए परेशानी का कारण बन रहा है तो कुछ घरेलु नुस्खों की मदद से इससे आसानी से राहत पाई जा सकती है। लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है आखिर पेट फूलने के पीछे क्या कारण हैं?
ब्लोटिंग के लिए जिम्मेदार कारण - Pet Phoolne (Bloating) Ke Karan  

हम में से ज्यादातर लोगों ने तब ब्लोटिंग महसूस करते हैं जब हमारा पेट खिंचा हुआ, फूला हुआ और असहज होता है। यह एक भरे पेट होने की अनुभूति है। इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे:-

पेट फूलने की समस्या आपकी छोटी आंत या कोलन में गैस के कारण होती है, जो आमतौर पर तब होती है जब आपकी आंत्र में पाए जाने वाले बैक्टीरिया द्वारा भोजन का पाचन ठीक से नहीं पाता है। साथ ही फर्मेंट फूड्स का सेवन करने से भी पेट में गैस की समस्या हो जाती है।
गैस की समस्या तब भी हो सकती है जब आपका पाचन तंत्र फूड्स में मौजूद कुछ घटकों को पूरी तरह से नहीं तोड़ पाता है।
कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण खराब होने पर भी आपके पाचन तंत्र में मौजूद सहायक बैक्टीरिया का संतुलन को बिगड़ सकता है।
ऐसा कब्ज के चलते भी हो सकता है। चूंकि आपके कोलन में अपचित भोजन अधिक समय तक रहता है, इसलिए इसे किण्वित या फर्मेंट होने में अधिक समय लगता है।
पाचन संबंधी विकार के चलते भी ऐसा होना सामान्य है, जैसे लैक्टोज या फ्रैक्टोज असहिष्णुता या सीलिएक रोग।
बहुत जल्दी-जल्दी खाना, खाना खाते समय बात करना या तनाव होने पर खाने पर भी यह समस्या हो सकती है।
खाने को ठीक से नहीं चबाना।
खाने से पहले या बाद में बहुत ज्यादा पानी पीना भी ब्लोटिंग का एक बड़ा कारण है।

ब्लोटिंग से राहत पाने के लिए फॉलो करें ये टिप्स - Best Natural Treatment for Bloating

आयुर्वेदिक शब्दों में ऐसा तब होता है जब अपान वायु (एक प्रकार का वात) बिगड़ जाता है। साथ ही इसके प्राकृतिक प्रवाह या दिशा में गड़बड़ा हो जाती है जो विभिन्न लक्षण पैदा करती है। इसलिए इससे राहत पाने के लिए वात दोष की गति को ठीक करना महत्वपूर्ण हैं इसके लिए आप इन आसान टिप्स को फॉलो कर सकते हैं:


1. जीरा और अजवाइन का पानी

एक पैन में जीरा और अजवाइन को सूखा भून लें, अब इसमें एक गिलास में पानी डालें और इसे कुछ देर उबालें। इसे छान लें और भोजन के पिएं।
2. सौंफ

भोजन के बाद सौंफ चबाना अच्छा होता है। आप भोजन के बाद सौंफ के बीज की चाय बनाकर भी पी सकते हैं। बस पानी में सौंफ और सोंठ का टुकड़ा डालकर इसे उबालें। इसे छान लें और भोजन के बाद पी लें।
3. छाछ

लंच में भोजन के बाद एक गिलास छाछ में सेंधा नमक और हींग डालकर इसका सेवन करें।


4. डाइट

कच्चा खाना खाने से बचना चाहिए।
भोजन को पकाते समय उसमें पाचक मसाले डालें।
खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबा-चबा कर खाएं।
दाल को पानी में भिगोकर खाएं
खाना खाने से पहले या बाद में ज्यादा पानी पीने से बचें।
गैस बनाने वाले फूड्स के सेवन से बचें।
अपनी प्लेट में सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

अगर इन नुस्खों से आपके लक्षणों में कोई सुधार देखने को नहीं मिलता है तो ऐसे में अपनी डॉक्टर से परामर्श करें। खासकर अगर आप लगातार दस्त या पेट में गंभीर दर्द, मल में खून, मल के रंग या आवृति में परिवर्तन, अनपेक्षित वजन घटना, सीने में जलन, हानि जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। भूख न लगना या जल्दी भरा हुआ महसूस होना। ये संकेत और लक्षण एक अंतर्निहित पाचन स्थिति का संकेत दे सकते हैं।

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